Best Alone Shayari for Loneliness In Hindi

Best Alone Shayari for Loneliness In Hindi

अकेलापन जिंदगी का वो एहसास है जो भीड़ में भी हो सकता है। Alone Shayari in Hindi उन लोगों के लिए है जो अपनी तन्हाई को शब्द देना चाहते हैं। चाहे वो रातों का सन्नाटा हो, यादों का दर्द हो, या बस किसी के जाने का गम हो, अकेलापन हर दर्द का साथी बन जाता है। इस article में हम आपके लिए लेकर आए हैं दिल को छू लेने वाली alone shayari जो आपके अकेलेपन को समझेगी और उसे शब्द देगी। तो चलिए, शुरू करते हैं इस तन्हा सफर को।

हम तो बस अकेले में जलते रहे हैं,
भीड़ में भी हम अकेले ही पलते रहे हैं।

अकेलेपन ने सिखा दिया है खुद से प्यार करना,
अब किसी और की जरूरत नहीं है और कोई ख्वाहिश नहीं है।

हम अकेले हैं तो क्या हुआ यारों,
अकेलेपन में भी हमने खुद को संवारा है।

तेरे बिना ये अकेलापन है जैसे कोई सजा,
हर पल लगता है अब तो जीना है बेहद मुश्किल और बेवजह।

हम अकेले रहना सीख गए हैं अब,
तेरे बिना हर दर्द को हम अपना बना लिए हैं।

अकेलेपन का साया है सर पे हर पल,
अब तो भीड़ में भी हम अकेले हैं और बेहद बेहाल।

हमने चाहा था कोई साथ देने वाला,
अकेलेपन ने हर बार हमें और अकेला कर दिया।

हम अकेले हैं पर हमें कोई गम नहीं,
क्योंकि अकेलेपन ने हमें खुद से मिलना सिखा दिया।

अकेलेपन की रातें कितनी लंबी होती हैं,
बिना तेरे हर पल कितना खाली और सूना होता है।

हम तो बस अकेले में रहना सीख गए हैं,
अब दर्द भी हंसकर सहना सीख गए हैं।

अकेलेपन ने ले ली है मेरी हर खुशी,
अब तो बस तन्हाई ही तन्हाई है ये जिंदगी।

हम अकेले हैं तो बस तुझे याद करते हैं,
तेरे बिना हर दिन हम बरबाद करते हैं।

अकेलेपन की आग में हम जलते रहे,
पर किसी ने आकर हमें बुझाया नहीं।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे जिए जा रहे हैं,
जिंदगी के हर दर्द में अकेले सिमटते जा रहे हैं।

अकेलेपन ने हमें रिश्तों से भी दूर कर दिया,
अब तो बस एक अजब सा सन्नाटा रह गया।

हमने चाहा था कोई अपना होता,
अकेलेपन ने हर बार कहा तुम्हारा कोई नहीं होता।

अकेलेपन की बाँहों में हम सिमटते रहे,
हर दर्द को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

हम तो बस अकेलेपन से बोलते रहे,
जिंदगी के हर गम को हम अकेले ही तोलते रहे।

अकेलेपन का दर्द है बेहद कातिल,
अब तो हर पल लगता है जैसे कोई मुश्किल।

हमने अकेलेपन को अपना दोस्त बना लिया,
जिंदगी के हर दर्द को हमने इसी में रमा लिया।

अकेलेपन की राहों में हम चलते रहे,
पर कोई हमराह कभी मिला ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन में बहते चले गए,
जिंदगी के हर सपने को अकेले ही रोते और सहते चले गए।

अकेलेपन ने सिखा दिया है खुद से प्यार करना,
अब किसी और की जरूरत नहीं है और कोई ख्वाहिश नहीं है।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे जीते हैं,
हर दर्द को हम अकेले ही पीते हैं और जलते हैं।

हम अकेले हैं मगर हमारा दिल नहीं अकेला,
हमारे साथ है हमारा दर्द और एक सूना सा मेला।

अकेलेपन की रातों में तेरी याद आती है,
दिल रोता है और अकेलापन और बढ़ जाता है।

तेरे बिना ये अकेलापन है जैसे कोई सजा,
हर पल लगता है अब तो जीना है बेहद मुश्किल और बेवजह।

हम अकेले में रोते हैं तो बस तेरे लिए रोते हैं,
तेरे बिना हर आंसू में तुझे ही देखते हैं।

अकेलेपन में जलती है हर वो बात जो कही नहीं गई,
हर दर्द बन गया है एक नई कहानी जो सुनाई नहीं गई।

हम तो बस अकेले में रोते रह गए,
जिंदगी के हर दर्द को हम अकेले ही सहते रह गए।

अकेलेपन का साया है सर पे हर पल,
अब तो खुद से भी रहना है मुश्किल और बेहद कमजोर।

हमने चाहा था कोई साथ देने वाला,
अकेलेपन ने हर बार हमें और अकेला कर दिया।

अकेलेपन में जब तेरी याद सताती है,
दिल रोता है और अकेलापन और मुस्कुराता है।

हम तो बस अकेलेपन से बातें करते हैं,
अपने दर्द को ही अपना हमसफर बनाते हैं।

अकेलेपन ने सिखा दिया है अकेले जीना,
अब हर गम को हम अकेले ही सहना और पीना।

तेरे अकेलेपन का दर्द है इतना गहरा,
हर सुबह लगती है एक अजब सी बेहद अंधेरा और खाली।

हम तो बस अकेलेपन में ढलते चले गए,
जिंदगी के हर दर्द में खुद से जलते और बदलते चले गए।

अकेलेपन का दर्द बन गया है रातों का साथी,
अब तो हर सुबह होती है बेहद बर्बादी और कातिल।

हमने पुकारा तो किसी ने सुनवाई नहीं,
अकेलेपन के इस शहर में कोई अपना था ही नहीं।

अकेलेपन की आग में हम जलते रहे,
पर किसी ने आकर हमें बुझाया नहीं।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे जिए जा रहे हैं,
जिंदगी के हर दर्द में अकेले सिमटते और बिखरते जा रहे हैं।

अकेलेपन ने हमें रिश्तों से भी दूर कर दिया,
अब तो बस एक अजब सा सन्नाटा और अकेलापन रह गया।

हमने चाहा था कोई अपना होता,
अकेलेपन ने हर बार कहा तुम्हारा कोई नहीं होता और न होगा।

अकेलेपन की बाँहों में हम सिमटते रहे,
हर दर्द को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

हम तो बस अकेलेपन से बोलते रहे,
जिंदगी के हर गम को हम अकेले ही तोलते और रोलते रहे।

अकेलेपन का दर्द है बेहद कातिल,
अब तो हर पल लगता है जैसे कोई मुश्किल और बेहद मुश्किल।

हमने अकेलेपन को अपना दोस्त बना लिया,
जिंदगी के हर दर्द को हमने इसी में रमा लिया और जी लिया।

अकेलेपन की राहों में हम चलते रहे,
पर कोई हमराह कभी मिला ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन में बहते चले गए,
जिंदगी के हर सपने को अकेले ही रोते और सहते चले गए।

अकेलेपन ने सिखा दिया है खुद से प्यार करना,
अब किसी और की जरूरत नहीं है और कोई ख्वाहिश नहीं है।

हम तो बस अकेले में जलते रहे हैं,
भीड़ में भी हम अकेले ही पलते रहे हैं।

अकेलेपन ने सिखा दिया है खुद से प्यार करना,
अब किसी और की जरूरत नहीं है।

हम अकेले हैं तो क्या हुआ यारों,
अकेलेपन में भी हमने खुद को संवारा है।

तेरे बिना ये अकेलापन है जैसे कोई सजा,
हर पल लगता है अब तो जीना है बेहद मुश्किल।

हम अकेले रहना सीख गए हैं अब,
तेरे बिना हर दर्द को हम अपना बना लिए हैं।

अकेलेपन का साया है सर पे हर पल,
अब तो भीड़ में भी हम अकेले हैं।

हमने चाहा था कोई साथ देने वाला,
अकेलेपन ने हर बार हमें और अकेला कर दिया।

हम अकेले हैं पर हमें कोई गम नहीं,
क्योंकि अकेलेपन ने हमें खुद से मिलना सिखा दिया।

अकेलेपन की रातें कितनी लंबी होती हैं,
बिना तेरे हर पल कितना खाली होता है।

हम तो बस अकेले में रहना सीख गए हैं,
अब दर्द भी हंसकर सहना सीख गए हैं।

अकेलेपन ने ले ली है मेरी हर खुशी,
अब तो बस तन्हाई ही तन्हाई है।

हम अकेले हैं तो बस तुझे याद करते हैं,
तेरे बिना हर दिन हम बरबाद करते हैं।

अकेलेपन की आग में हम जलते रहे,
पर किसी ने आकर हमें बुझाया नहीं।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे जिए जा रहे हैं,
जिंदगी के हर दर्द में अकेले सिमटते जा रहे हैं।

अकेलेपन ने हमें रिश्तों से भी दूर कर दिया,
अब तो बस एक अजब सा सन्नाटा रह गया।

हमने चाहा था कोई अपना होता,
अकेलेपन ने हर बार कहा तुम्हारा कोई नहीं होता।

अकेलेपन की बाँहों में हम सिमटते रहे,
हर दर्द को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

हम तो बस अकेलेपन से बोलते रहे,
जिंदगी के हर गम को हम अकेले ही तोलते रहे।

अकेलेपन का दर्द है बेहद कातिल,
अब तो हर पल लगता है जैसे कोई मुश्किल।

हमने अकेलेपन को अपना दोस्त बना लिया,
जिंदगी के हर दर्द को हमने इसी में रमा लिया।

अकेलेपन की राहों में हम चलते रहे,
पर कोई हमराह कभी मिला ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन में बहते चले गए,
जिंदगी के हर सपने को अकेले ही रोते और सहते चले गए।

अकेलेपन ने सिखा दिया है खुद से प्यार करना,
अब किसी और की जरूरत नहीं है।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे जीते हैं,
हर दर्द को हम अकेले ही पीते हैं।

तेरे जाने के बाद अकेलापन मिला है,
हर रात मुझे तेरी कमी खलती है।

अकेलेपन की रातों में तेरी याद सताती है,
दिल रोता है और अकेलापन और बढ़ जाता है।

तेरे बिना ये अकेलापन है जैसे कोई सजा,
हर पल लगता है अब तो जीना है बेहद मुश्किल।

हम तो बस अकेले में रोते रह गए,
तेरे बिना हर दर्द को हम अकेले ही सहते रह गए।

अकेलेपन का साया है सर पे तेरे जाने के बाद,
अब तो खुद से भी रहना है मुश्किल और बेहद उदास।

हमने चाहा था तेरा साथ हर पल,
अकेलेपन ने दे दिया हमें बस एक नया दर्द का पल।

अकेलेपन में जब तेरी याद सताती है,
दिल रोता है और अकेलापन और मुस्कुराता है।

हम तो बस अकेलेपन से तेरी बातें करते हैं,
अपने दर्द को ही तेरा नाम देकर बुलाते हैं।

अकेलेपन ने सिखा दिया है तेरे बिना जीना,
अब हर गम को हम अकेले ही सहना और पीना।

तेरे अकेलेपन का दर्द है इतना गहरा,
हर सुबह लगती है एक अजब सी बेहद अंधेरा।

हम तो बस अकेलेपन में ढलते चले गए,
तेरे बिना हर दर्द में खुद से जलते चले गए।

अकेलेपन का दर्द बन गया है रातों का साथी,
अब तो हर सुबह होती है बेहद बर्बादी।

हमने पुकारा तुझे पर तूने सुनवाई नहीं,
अकेलेपन के इस शहर में तू कभी आई ही नहीं।

अकेलेपन की आग में हम तेरे बिना जलते रहे,
पर तूने आकर हमें कभी बुझाया ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे तेरे बिना जिए जा रहे हैं,
जिंदगी के हर दर्द में अकेले सिमटते जा रहे हैं।

अकेलेपन ने हमें तुझसे भी दूर कर दिया,
अब तो बस एक अजब सा सन्नाटा रह गया।

हमने चाहा था तू हमारी होती,
अकेलेपन ने हर बार कहा तू किसी और की होती।

अकेलेपन की बाँहों में हम तेरे बिना सिमटते रहे,
हर दर्द को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

हम तो बस अकेलेपन से तेरा नाम लेते रहे,
जिंदगी के हर गम को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

अकेलेपन का दर्द है बेहद कातिल तेरे बिना,
अब तो हर पल लगता है जैसे कोई मुश्किल।

हमने अकेलेपन को अपना दोस्त तेरे बाद बना लिया,
जिंदगी के हर दर्द को हमने इसी में रमा लिया।

अकेलेपन की राहों में हम तेरे बिना चलते रहे,
पर तू कभी हमराह कभी मिली ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन में बहते चले गए तेरे बिना,
जिंदगी के हर सपने को अकेले ही रोते और सहते चले गए।

अकेलेपन ने सिखा दिया है तेरे बिना जीना,
अब तेरी जरूरत नहीं है बस अकेलापन ही है।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे तेरे बिना जीते हैं,
हर दर्द को हम अकेले ही पीते हैं।

तेरे जाने के बाद अकेलापन मिला है,
हर रात मुझे तेरी कमी खलती है।

अकेलेपन की रातों में तेरी याद सताती है,
दिल रोता है और अकेलापन और बढ़ जाता है।

तेरे बिना ये अकेलापन है जैसे कोई सजा,
हर पल लगता है अब तो जीना है बेहद मुश्किल।

हम तो बस अकेले में रोती रह गई,
तेरे बिना हर दर्द को हम अकेले ही सहती रह गई।

अकेलेपन का साया है सर पे तेरे जाने के बाद,
अब तो खुद से भी रहना है मुश्किल और बेहद उदास।

हमने चाहा था तेरा साथ हर पल,
अकेलेपन ने दे दिया हमें बस एक नया दर्द का पल।

अकेलेपन में जब तेरी याद सताती है,
दिल रोता है और अकेलापन और मुस्कुराता है।

हम तो बस अकेलेपन से तेरी बातें करती हैं,
अपने दर्द को ही तेरा नाम देकर बुलाती हैं।

अकेलेपन ने सिखा दिया है तेरे बिना जीना,
अब हर गम को हम अकेले ही सहना और पीना।

तेरे अकेलेपन का दर्द है इतना गहरा,
हर सुबह लगती है एक अजब सी बेहद अंधेरा।

हम तो बस अकेलेपन में ढलती चली गई,
तेरे बिना हर दर्द में खुद से जलती चली गई।

अकेलेपन का दर्द बन गया है रातों का साथी,
अब तो हर सुबह होती है बेहद बर्बादी।

हमने पुकारा तुझे पर तूने सुनवाई नहीं,
अकेलेपन के इस शहर में तू कभी आया ही नहीं।

अकेलेपन की आग में हम तेरे बिना जलती रही,
पर तूने आकर हमें कभी बुझाया ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे तेरे बिना जिए जा रही हैं,
जिंदगी के हर दर्द में अकेले सिमटती जा रही हैं।

अकेलेपन ने हमें तुझसे भी दूर कर दिया,
अब तो बस एक अजब सा सन्नाटा रह गया।

हमने चाहा था तू हमारा होता,
अकेलेपन ने हर बार कहा तू किसी और का होता।

अकेलेपन की बाँहों में हम तेरे बिना सिमटती रही,
हर दर्द को हम अकेले ही रोती और सहती रही।

हम तो बस अकेलेपन से तेरा नाम लेती रही,
जिंदगी के हर गम को हम अकेले ही रोती और सहती रही।

अकेलेपन का दर्द है बेहद कातिल तेरे बिना,
अब तो हर पल लगता है जैसे कोई मुश्किल।

हमने अकेलेपन को अपना दोस्त तेरे बाद बना लिया,
जिंदगी के हर दर्द को हमने इसी में रमा लिया।

अकेलेपन की राहों में हम तेरे बिना चलती रही,
पर तू कभी हमराह कभी मिला ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन में बहती चली गई तेरे बिना,
जिंदगी के हर सपने को अकेले ही रोती और सहती चली गई।

अकेलेपन ने सिखा दिया है तेरे बिना जीना,
अब तेरी जरूरत नहीं है बस अकेलापन ही है।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे तेरे बिना जीती हैं,
हर दर्द को हम अकेले ही पीती हैं।

अकेलेपन की रातों में आँसू बहते हैं,
तेरे बिना हर पल हम अकेले रहते हैं।

अकेलेपन ने छीन ली है मेरी हर खुशी,
अब तो बस तन्हाई ही तन्हाई है ये जिंदगी।

हम तो बस अकेलेपन में जीना सीख गए हैं,
तेरे बिना हर दर्द को हम अपना बना लिए हैं।

अकेलेपन का साया है सर पे तेरे जाने के बाद,
अब तो खुद से भी रहना है मुश्किल और बेहद उदास।

हमने चाहा था तेरा साथ हर पल,
अकेलेपन ने दे दिया हमें बस एक नया दर्द का पल।

अकेलेपन में जब तेरी याद सताती है,
दिल रोता है और आँख बरसाती है।

हम तो बस अकेलेपन से तेरी बातें करते हैं,
अपने दर्द को ही तेरा नाम देकर पुकारते हैं।

अकेलेपन ने सिखा दिया है तेरे बिना जीना,
अब हर गम को हम अकेले ही सहना और पीना।

तेरे अकेलेपन का दर्द है इतना गहरा,
हर सुबह लगती है एक अजब सी बेहद अंधेरा।

हम तो बस अकेलेपन में ढलते चले गए,
तेरे बिना हर दर्द में खुद से जलते चले गए।

अकेलेपन का दर्द बन गया है रातों का साथी,
अब तो हर सुबह होती है बेहद बर्बादी और कातिल।

हमने पुकारा तुझे पर तूने सुनवाई नहीं,
अकेलेपन के इस शहर में तू कभी आया ही नहीं।

अकेलेपन की आग में हम तेरे बिना जलते रहे,
पर तूने आकर हमें कभी बुझाया ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे तेरे बिना जिए जा रहे हैं,
जिंदगी के हर दर्द में अकेले सिमटते और बिखरते जा रहे हैं।

अकेलेपन ने हमें तुझसे भी दूर कर दिया,
अब तो बस एक अजब सा सन्नाटा और दर्द रह गया।

हमने चाहा था तू हमारा होता,
अकेलेपन ने हर बार कहा तू किसी और का होता और न होता।

अकेलेपन की बाँहों में हम तेरे बिना सिमटते रहे,
हर दर्द को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

हम तो बस अकेलेपन से तेरा नाम लेते रहे,
जिंदगी के हर गम को हम अकेले ही रोते और सहते रहे।

अकेलेपन का दर्द है बेहद कातिल तेरे बिना,
अब तो हर पल लगता है जैसे कोई मुश्किल और बेहद मुश्किल।

हमने अकेलेपन को अपना दोस्त तेरे बाद बना लिया,
जिंदगी के हर दर्द को हमने इसी में रमा लिया और जी लिया।

अकेलेपन की राहों में हम तेरे बिना चलते रहे,
पर तू कभी हमराह कभी मिला ही नहीं और कोई मिला ही नहीं।

हम तो बस अकेलेपन में बहते चले गए तेरे बिना,
जिंदगी के हर सपने को अकेले ही रोते और सहते चले गए।

अकेलेपन ने सिखा दिया है तेरे बिना जीना,
अब तेरी जरूरत नहीं है बस अकेलापन ही है और अकेलापन ही रहेगा।

हम तो बस अकेलेपन के सहारे तेरे बिना जीते हैं,
हर दर्द को हम अकेले ही पीते हैं और जलते हैं।

अकेलेपन ने लिख दी है हमारी कहानी,
अब हर पल हम अकेलेपन की निशानी हैं।

Alone Shayari in Hindi उन सभी लोगों के लिए है जो अपने अकेलेपन को शब्द देना चाहते हैं। अकेलापन जिंदगी का वो हिस्सा है जो बिना बुलाए आता है और दिल को बेहद उदास कर देता है। इस article में हमने आपके लिए best, heart touching, two line, girlfriend, boyfriend और emotional alone shayari सहित 175 से अधिक बेहतरीन शायरियाँ तैयार की हैं। चाहे आप किसी के जाने का गम हो, यादों का दर्द हो, या बस अकेलेपन का एहसास हो, ये shayari आपके दिल की हर बात कह देंगी। उम्मीद है कि ये Alone Shayari in Hindi आपके अकेलेपन को समझने और उसे व्यक्त करने में मदद करेगी। याद रखिए, हर अकेलेपन के बाद एक नई मुलाकात जरूर होती है।

Q1. Alone Shayari in Hindi कहाँ से पढ़ सकते हैं?
आप इस article के अलावा कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, ब्लॉग्स और सोशल मीडिया पेजेस पर free में alone shayari in Hindi पढ़ सकते हैं।

Q2. क्या ये shayari अकेलेपन के दर्द को share करने में मदद करेगी?
हाँ, बिल्कुल। ये सभी shayari अकेलेपन और तन्हाई के दर्द को शब्द देने के लिए ही लिखी गई हैं।

Q3. क्या इन shayari में girlfriend और boyfriend दोनों के लिए शामिल हैं?
जी हाँ, इस article में हमने girlfriend और boyfriend दोनों के लिए अलग-अलग sections शामिल किए हैं।

Q4. क्या मैं इन्हें social media पर share कर सकता हूँ?
हाँ, आप इन्हें WhatsApp status, Instagram story, Facebook post और अन्य social media प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से share कर सकते हैं।

Q5. क्या अकेलेपन की शायरी पढ़ने से मन को शांति मिलती है?
बहुत से लोगों को अकेलेपन की शायरी पढ़ने से यह अहसास होता है कि वो अकेले नहीं हैं और कई लोग उनके जैसा अकेलापन महसूस करते हैं, जिससे थोड़ी राहत मिल जाती है।

Q6. क्या ये shayari WhatsApp status के लिए अच्छी हैं?
हाँ, ये सभी 2 line alone shayari WhatsApp status, Instagram story और Facebook post के लिए बिल्कुल perfect हैं।

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